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Wednesday, February 27, 2008

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं

This beautiful poem is courtesy Yetan, my second year senior......


कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं

तुम कह देना कोई खास नहीं

एक दोस्त हैं कच्चा पक्का सा
एक झूठ हैं आधा सच्चा सा
जीवन का ऐसा साथी हैं
जो दूर नहीं, जो पास नहीं
एक साया हैं जो चलता साथ मेरे
हर मुश्किल में हैं पास मेरे
क्या मायूसी, क्या खुशहाली
हर पल्चित रमता साथ मेरे
जहाँ अपनापन मिथ्या हैं
पैसा पैसा ही माया हैं
ऐसी मतलबी भरी दुनिया में
एक 'दोस्त' दोस्ती करने आया हैं
कभी बीच राह मे छोर चले
ऐसा बिलकुल विश्वास नहीं

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई खास नहीं

Friday, August 17, 2007

a beautiful poem....must read

क्या लिखूँ
कुछ जीत लिखू या हार लिखूँया दिल का सारा प्यार लिखूँ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰
कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखू या सापनो की सौगात लिखूँ ॰॰॰॰॰॰
मै खिलता सुरज आज लिखू या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ ॰॰॰॰॰॰
वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सान्स लिखूँ
वो पल मे बीते साल लिखू या सादियो लम्बी रात लिखूँ
मै तुमको अपने पास लिखू या दूरी का ऐहसास लिखूँ
मै अन्धे के दिन मै झाँकू या आँन्खो की मै रात लिखूँ
मीरा की पायल को सुन लुँ या गौतम की मुस्कान लिखूँ
बचपन मे बच्चौ से खेलूँ या जीवन की ढलती शाम लिखूँ
सागर सा गहरा हो जाॐ या अम्बर का विस्तार लिखूँ
वो पहली -पाहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ
सावन कि बारिश मेँ भीगूँ या आन्खो की मै बरसात लिखूँ
गीता का अॅजुन हो जाॐ या लकां रावन राम लिखूँ॰॰॰॰॰
मै हिन्दू मुस्लिम हो जाॐ या बेबस ईन्सान लिखूँ॰॰॰॰॰
मै ऎक ही मजहब को जी लुँ ॰॰॰या मजहब की आन्खे चार लिखूँ॰॰॰

कुछ जीत लिखू या हार लिखूँया
दिल का सारा प्यार लिखूँ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰

Friday, April 6, 2007

my thoughts

i have thinking what all to write here.
Should I share my personal feelings here...???
Should I give vent to all my anger here..???
Should I share my happiness ..???